
पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ अमय खुरसिया टवेन्टी20 क्रिकेट को एक सफल प्रयोग मानते हैं.....
Wednesday, May 28, 2008
बल्लेबाज़ी के बाद अब कॉमेन्ट्री मे हाथ आज़माते हुए अमय खुरसिया
मध्य प्रदेश का ये बायें हाथ का बल्लेबाज़ जो 1999 विश्व कप मे भारतीय टीम का सदस्य था, अमय खुरसिया ने घरेलू क्रिकेट मे ज़ोरदार प्रदर्शन किया है पर अंतराष्ट्रीय स्तर पर वे अपने आप को सिद्ध करने मे आसफल रहें हैं। हमारे रिपोर्टर दामोदर व्यास ने उनसे बात की...
अमय, एक कॉमेन्टेटर के रोल मे ढलने के लिये आपने क्या बदलाव लाया?
कुछ खास बदलाव नही आया है, इसमे आपको अच्छे तरिके से क्रिकेट को समझने कि ज़रूरत होती है ताकि आप उसे सही भाषा और सही ढंग से समझा सके। मैं धीरे-धीरे इसको सीख रहा हूँ।
पहले और अब मे घरेलू क्रिकेट मे कितना बदलाव आ गया है?
जी बहुत बदल गया है, और दिन बा दिन ये अच्छा होता जा रहा है। प्वाइंट सिस्टम बदल गया है, खेल अब तटस्थ जगह पर खेला जाने लगा है, कुल मिलाकर ये एक अच्छी बात है।
आपके समय मे टवेन्टी20 क्रिकेट नही हुआ करती थी, क्या आप इसे खेलना नही चाह्ते?
जी बिल्कुल, लेकिन क्रिकेट बदलता रहता है, आज् जो चीज़े हैं वो कल नही थी और अने वाले समय मे शाय्द कुछ और नया आ जाये, तो ये तो चलता रहता है।
आपकी क्या राय है टवेन्टी20 के लिये? क्या ये सफल हो पायेगा?
जी हाँ बिल्कुल, ये काफ़ी मनोरंजक क्रिकेट रहेगा। लोग अपने काम से वापिस आकर इसका मज़ा उठा पायेंगे। और ये सिर्फ़ चार घंटो मे खत्म हो जाता है, इसलिये ये दर्शकों को ज़रूर पसंद आयेगा।
ऐसी बात चल रही है कि टेस्ट मैच भी अब दिन-रात्रि का हो सकता है, आप कैसे देखते हैं इसे?
जी अच्छी बात है, कुछ नया होता रहना चाहिये लेकिन ये भी ध्यान मे रखना चाहिये कि पारंपरिक क्रिकेट के साथ कुछ ज़्यादा छेड़-छाड़ ना कि जाये।
-जैसा दामोदर व्यास को कहा गया।
