
मध्यम कद-काठी और अनोखे गेंदबाज़ी ऐक्शन वाला ये गेंदबाज़ कोल्काता नाईटराइडर्स के लिये छूपा रुस्तम साबित हुआ।
Tuesday, May 27, 2008
छूपा रुस्तम निकला अशोक डिन्डा
बंगाल का ये दायें हाथ का मध्यम तेज़ गेंदबाज़ जिसने शोएब अख्तर, उमर गुल, अजीत अगरकर और इशान्त शर्मा जैसे तेज़ गेंदबाज़ों के रहते हुए आई.पी.एल मे कोल्काता के लिये सबसे अधिक विकेट लेने वाला गेंदबाज़ बनके सभी को चौंका डाला। हमारे रिपोर्टर सैयद हुसैन से अशोक अपने अभी तक के आई.पी.एल के सफ़र के बारे मे बताते हुए....
अशोक आप हमे ये बतायें कि आई.पी.एल मे इतने बड़े-बड़े सितारों के साथ खेलते हुए कैसा लग रहा है?
जी मैं बता नही सकता कि मैं कितना खुश हूँ, जिनको मैं टी.वी पर देखा करता था आज मैं उनके साथ खेला रहा हूँ और बातें कर रहा हूँ। सच कहें तो ये एक सपना सच होने जैसा है।
जब आपको पता चला था कि इस टीम मे शोएब अख्तर, उमर गुल, इशान्त शर्मा और अजीत अगरकर भी हैं तो क्या तब आपको ऐसा नही लग रहा था कि आप 11 मे जगह बना पायेंगे या नही?
जी मुझे पता चला था कि शुरूआत मे शोएब और गुल नही आ पायेंगे, तब मैने सोच लिया था कि अगर शुरू के मैचो मे मैने अच्छा प्रदर्शन कर दिया तो शायद मैं अपना स्थान पक्का कर लूँ।
इतने बड़े खिलाडियोँ के बीच मे रहते हुए भी आपने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए सारे देश का दिल जीत लिया, इस प्रदर्शन के बारे मे हमे कुछ बतायें?
मैने बस वैसे ही गेंदबाज़ी की जैसा कि मैं घरेलू क्रिकेट और क्लब क्रिकेट मे किया करता था। घरेलू क्रिकेट मे मैं दादा(सौरव), मनोज्(तिवारी) यहाँ तक कि सचिन को भी गेंदबाज़ी की है, इसलिये मेरे उपर कोइ खासा दबाव नही था। बस मैं अपना अच्छे से अच्छा प्रदर्शन् करना चाहता था, जो मैने किया।
टवेन्टी20 क्रिकेट एक बल्लेबाज़ों का खेल हो गया है, पिच सपाट रहती है, सिमा रेखा छोटी हो गई है। आपको नही लगता कि गेंदबाज़ों के लिये दिक्कतें बढ़ गयी हैं?
हाँ ये बात तो है, पर मैं जब गेंदबाज़ी करता हूँ तो ये नही सोचता कि मैदान कितना बड़ा है। मेरा लक्ष्य बस यही रहता है कि डॉट गेंद फेंकी जाये।
अशोक, इतने बड़े खिलाडियों के रहने से क्या आपको मदद मिलती है?
जी हाँ ज़रूर, जैसे दादा, बुकानन(कोच)मुझे बताते हैं कि कौन सा बल्लेबाज़ कहाँ पर कमज़ोर है। साथ ही साथ उनका विज़ुअल भी दिखातें हैं, जिससे मैं उनके खिलाफ़ सही दिशा और लंबाई के साथ गेंदबाज़ी करने मे सक्षम रहता हूँ।
आने वाले समय मे आप ने अपने लिये क्या लक्ष्य रखें हैं?
जी, फ़िल्हाल मैने कुछ ऐसा नही सोचा है। मैं अभी धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा हूँ और अपना अच्छे से अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूँ।
- जैसा सैयद हुसैन को कहा गया।
