
दक्षिण अफ़्रिका के खिलाफ़ अपना प्रदर्शन सुधारने के लिये उतावले हैं जम्बो.
Thursday, March 20, 2008
जाँबाज़ जम्बो
कुम्बले बनाम दक्षिण अफ़्रिका
| मैच | विकेट | औसत | ५वि | १०वि | सर्वश्रेष्ठ | |
| भारत मे | ७ | ३५ | २८.८० | २ | - | १३१/६ |
| दक्षिण अफ़्रिका मे | १२ | ४५ | ३२.०५ | १ | - | ५३/६ |
| कुल | १९ | ८० | ३०.३७ | ३ | - | ५३/६ |
अनील कुम्बले की जितनी भी प्रशन्सा की जाये वो कम है, शराब जितनी पूरानि हो, नशा उतना ही ज़्यादा हो जाता है| अनील कुम्बले भी कुछ ऐसे ही हैं, ३८ साल के उम्र मे क्रिकेटर, खास तौर पर गेन्दबाज़ जहाँ सन्यास लेने के करीब आ जाते हैं वहीँ कुम्बले मे अभी भी एक नौजवान कि तरह जोश भरा हुआ है| भारत को कई जीत दिलाने वाला ये गेन्दबाज़ अब तैयार है, दक्षिण अफ़्रिका के खिलाफ़ होने वाली टेस्ट सीरीज़ के लिये| हमारे रिपोर्टर सैयद हुसैन, अनील कुम्बले का दक्षिण अफ़्रिका के खिलाफ़ रिकार्ड व्यक्त करते हुए|
वैसे तो अनील कुम्बले ने अपाना क्रिकेट जीवन '९० मे इन्ग्लैन्ड के खिलाफ़ शुरू किया| पर उन्होने अन्तराष्ट्रीय स्तर पर अपने आपको साबित किया भारत के दक्षिणि अफ़्रिकि दौरे मे| '९२ दौरे का दूसरा टेस्ट खेलते हुए अनील कुम्बले ने जोहनसबर्ग मे शानदार गेन्दबाज़ी करते हुए अपनी उपस्तिथि का एह्सास करा दिया था| पहली पारी मे कुम्बले ने ३ विकेट लिये, पर दक्षिण अफ़्रिकि बल्लेबाज़ो का असली इम्तेहान दूसरी पारी मे था| कुम्बले ने उस पारी मे अपने जीवन का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ६ खिलाडियोँ को पैवेलिअन भेजा, कुम्बले ने ४४ ओवर मे ५३ रन देकर ६ विकेट लिये जिसमे २२ मेडन ओवर शामिल थे| दक्षिण अफ़्रिका के खिलाफ कुम्बले का ये अभी भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है| पर उस मैच का कोई नतीजा नही निकला था|
अपने घर मे कुम्बले:
कहा जाता है कि भारतीय पिचो पर भारत को हराना बहुत ही मुश्किल है, उसकी वजह है भारतीय पिच स्पिन गेन्दबाज़ी को मदद करती हैं, और पिछले १८ सालो से भारतीय स्पिन गेन्दबाज़ी का भार इसी मज़बूत कन्धे पर है, जिसकी गुगली और फ़्लीपर के सामने अच्छे-अच्छे बल्लेबाज़ घुटने टेक देते हैं. दक्षिण अफ़्रिका अभी तक ३ बार भारत मे खेलने आई है, आगामी सीरीज़ उनका चौथा दौरा होगा| दक्षिण अफ़्रिका के खिलाफ़ कुम्बले ने भारत मे ७ मैच खेले हैं जिसमे उन्होने ३५ दक्षिणि अफ़्रिकि खिलाडीयोँ को अपना शिकार बनाया है| उनका गेन्दबाज़ी औसत २८.२५ का है, पारी मे २ बार ५ विकेटे लिये हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है १३१ रन देकर ६ विकेट, जो उन्होने २००४ मे कानपूर के ग्रीन पार्क मे लिये थे|
बल्लेबाज़ी मे भी कुम्बले ने दक्षिण अफ़्रिका को खुब परेशान किया है, '९६ मे कोलकाता के इडेन गार्डेन मे उस वक्त के भारतीय कप्तान मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने जब अनील कुम्बले को "नाईट वाचमैन" के रूप मे भेजा तो इस योद्धा ने अपना काम बाखुबी अन्जाम दिया और ८८ रनो की शानदार पारी खेली पर शतक से चूक गये| दक्षिण अफ़्रिका के खिलाफ़ ये उनका सर्वाधिक स्कोर है. उन्होने ७ मैच मे २८.८० के औसत से २८८ रन बनाये हैं जिसमे १ अर्धशतक शामिल है| इस प्रकार दक्षिण अफ़्रिका के खिलाफ़ कुम्बले ने कुल १९ मैच खेलते हुए ३०.३७ के औसत से ८० विकेटे लिये हैं, और उनका सर्व्श्रेष्ठ ५३ रन देकर ६ विकेट है|
कुम्बले दक्षिण अफ़्रिका मे:
दक्षिण अफ़्रिका कि अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट मे वापसी के बाद, भारत ने अभी तक ४ बार दक्षिण अफ़्रिका का दौरा किया है, और इन सभी दौरे मे अनील कुम्बले ने भारत का प्रतिनिधित्व किया है. कुम्बले ने दक्षिण अफ़्रिका मे अभी तक १२ टेस्ट मैच खेलते हुए ३२.०५ के औसत से ४५ विकेटे लिये हैं, जिनमे पारी मे ५ विकेट एक बार शामिल हैं और '९२ दौरे मे जोहनस्बर्ग मे ५३ रन देकर ६ विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. बल्ले से कुम्बले ने १८८ रन बनाये हैं जिसमे २९ रन सर्वश्रेष्ठ है|
अगर हम कुम्बले के सम्पूर्ण क्रिकेट करिअर पर नज़र दालेँ तो दक्षिण अफ़्रिका के खिलाफ़ उनका प्रदर्शन साधारण दिखता है, हम आशा करते हैं कि इस बार दक्षिन अफ़्रिका के खिलाफ़ वो अपने इस रिकार्ड को और बेहतर बनायेँ और भारत को एक और सीरीज़ मे जीत दिलायेँ|
